Tuesday, 28 May 2019
142 -‘काला पानी’ और सावरकर
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प्रखर राष्ट्रवाद के पोषक स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर का साहित्य मराठी भाषा का ही नहीं अपितु भारतीय साहित्य की अनुपम निधि है ...
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Wednesday, 6 February 2019
141- मन का इकतारा !
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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा जाने के बाद करती रहीं यादें मुझको याद।1 सबको भाते सोते हुए , ख्वाब में- मुस्काते बच्चे ।2 मत उठा...
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Thursday, 20 December 2018
140-दोहे
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Friday, 26 October 2018
139-तुमसे उजियारा है !
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तुमसे उजियारा है साहित्य आत्मिक ऊर्जा का ऐस...
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Wednesday, 24 October 2018
138-हे कविवर ,आभार !
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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा कथा सुनाई राम की , किया बड़ा उपकार | सदा करेंगे आपका , हे कविवर आभार || हे कविवर आभार , दी ऐसी अमृत-धारा , क...
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Saturday, 29 September 2018
137-वंदन अभिनन्दन शरद !
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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा वंदन-अभिनन्दन शरद ! वंदन-अभिनन्दन शरद ! स्नान-पर्व में सद्यस्नाता , धुली-निखरी प्रकृति को निहारते तुम आ ह...
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Wednesday, 26 September 2018
136-थिरकते पुरवाई के पाँव !
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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा शृंगार छंद चरण के प्रारम्भ में 3-2 मात्राओं के क्रम के साथ 16-16 मात्राओं के चार चरण ,दो-दो चरणों के तुक मिलते ...
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