Wednesday, 15 April 2026

189- हर मन की चाहना


हर मन की चाहना है करूँ काम राम का

जुटना सभी को ,वक्त नहीं है आराम का

भक्ति, ओज , वीर तभी आ विराजते
समवेत स्वर में गूंजता जब नाम राम का  ।।

इतिहास कह रहा है ज़रा सी न भूल हो
स्वार्थ की तनिक सी भी मन पर न धूल हो
शृंगार करें मिलके सभी राष्ट्र-धर्म का
हाथ में सद्भाव का सुन्दर-सा फूल हो ।।

अपनी मोहब्बतों को उसके नाम लिख दिया
बाकी की ख्वाहिशों को तो आराम लिख दिया
हो कर्म हमारे सभी वतन के वास्ते
और धड़कनों पे हमने अपनी राम लिख दिया ।।

आज्ञा पिता की राज को भी छोड़ते है राम
मर्दन करें दुष्टों का दर्प तोड़ते हैं राम
केवट, निषादराज,कपि, शबरी के हो गए
जब  बाँटती है दुनिया तब जोड़ते हैं राम।।

वो आ गए हैं जानकर दिल को आराम है
फुरसत नहीं जरा भी मुझे कितना काम है
पूछते हो क्या भला आखिर वो कौन हैं
बसते थे रोम-रोम में साकार राम हैं ।।

प्रतीक्षा की बहुत आखिर घड़ी सुन्दर ये आई है
बधाई है ,  बधाई है सकल जग को बधाई है
अयोध्या से लिपट खुशियाँ खुशी से नाचतीं देखो
सुदर्शन राम की सूरत नयनों में समाई है  ।।

डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा 







15 comments:

  1. बहुत सुंदर भक्ति-गीत रचा है ज्योत्स्ना जी आपने

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  2. बहुत-बहुत आभार आपका 🙏

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  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शुक्रवार 17 एप्रिल, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  4. सुंदर गीत

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  5. दिल को सुकून पहुँचाने वाली बहुत सुंदर भक्तिमय प्रस्तुति,

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  6. दिल को सुकून पहुँचाने वाली बहुत सुंदर भक्तिमय प्रस्तुति,

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  7. सच कहु तो आपकी ये कविता पढ़कर एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है। आपने भक्ति और राष्ट्रभाव को बड़े सादे लेकिन असरदार शब्दों में जोड़ा है। इसमें ओज भी है और अपनापन भी, जो पढ़ने वाले को बांध कर रखता है। बस एक बात कहूंगा, अगर आप थोड़ी और कसावट लाओ तो असर और गहरा होगा।

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    1. जी , हृदय से आभार आपका 🙏

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  8. Replies
    1. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका 🙏

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  9. आपने भगवान राम को सिर्फ आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, कर्तव्य और एकता का संदेश देने वाले आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया है। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.

    अधिक जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी - HindiDiscussionForum dot com
    धन्यवाद!

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  10. सुन्दर कार्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ, यहाँ उपस्थिति के लिए हृदय से आभार आपका 🙏

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