ज्योति-कलश
Thursday, 5 September 2013

मन का तार सितार हुआ है .....

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चित्र :गूगल से साभार   डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा मन का तार सितार हुआ है , गीतों से....गुलज़ार हुआ है । ग़म अपनाए खुशियाँ बाँटीं ,...
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Tuesday, 27 August 2013

शुभ जन्माष्टमी

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डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा  भूले से भगवान ने ,मन में किया विचार , रहकर सबके साथ में ,  देखें यह संसार | देखें यह संसार  ,    भला कैसी है मा...
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Sunday, 25 August 2013

हक़ खुशियों पे सबका ......

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  एक  हो चैन से तय मेरा सफ़र सीख रही हूँ , रखने हैं कदम खुद की डगर सीख रही हूँ | हों पाँव तो ज़मीन पर ब...
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Monday, 19 August 2013

राखी मंगल कामना ....

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  अक्षत आशाएँ रहें  ,  रोली हो विश्वास , भले नयन से दूर हो ,मन से हर पल पास | मन से हर पल पास ,ध्यान बस रहे तुम...
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Wednesday, 14 August 2013

भारती माँ जय बोलें ...

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डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा 1 बहुरंगी दुनिया भले , रंग भा गए तीन , बस केसरिया , सित , हरित , रहें वन्दना लीन। रहें वन्दना लीन , सीख ले...
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Saturday, 3 August 2013

शुभ मित्रता दिवस

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा   1 सबसे सुनी है यहाँ कबसे सुनी है यहाँ , रीत मन भावन ये पावन पुरानी है । रस मकरंद भरे मन में आनंद भरे , ब...
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Friday, 26 July 2013

हम इतना याद करें

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा   1 सजना का गोरी से बाँध गई मनवा   चाहत इक डोरी से । 2 क्या फूल यहाँ महकें   ज़हर हवाओं में   पंछी कै...
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