ज्योति-कलश
Tuesday, 7 October 2014

कविता हमारी !!

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  दुआ रोज़ करती है कविता हमारी , किसी से न डरती है कविता हमारी |1 बिखेरे यहाँ खूब खुशबू के किस्से , फूलों...
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Friday, 3 October 2014

रामा दल में धूम है !

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डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा  बनवासी श्री राम ने , किया दुष्ट संहार | सब साधन संपन्न हम , मिटे न भ्रष्टाचार | मिटे न भ्रष्टाचार , भूल हम ज...
Tuesday, 30 September 2014

नवरात्र :शक्ति का आत्म साक्षात्कार !

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा                   चिरंतन है भारतीय संस्कृति और चिंतन धारा , जिसमें लोक एवं समाज के सर्वांगीण विकास के परिप्रेक्ष...
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Sunday, 14 September 2014

हुई कण्ठहार हिंदी !!

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हिंदी दिवस पर हार्दिक शुभ कामनाओं के साथ ...... डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  भारत का , भारती का   शोभन शृंगार हिंदी , माँ! अनेक आभरण ह...
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Saturday, 9 August 2014

नेह की डोर !!

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                                      डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  1 नेह की डोर बाँधी है मन पर भैया तुम्हारे । 2 तेज रवि सा  उ...
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Tuesday, 22 July 2014

याद आती रही !

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                                                            डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा  हसरतों का जला कारवाँ देर तक , देखते ही रहे हम ...
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Monday, 14 July 2014

रजनी बाला !

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.                                                 यूँ ही भटकी कहाँ खो आई बाला  रजनी बाला !!!  -0- ज्योत्स्ना शर्मा  ...
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