Tuesday, 7 October 2014

कविता हमारी !!



डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा 

दुआ रोज़ करती है कविता हमारी ,
किसी से न डरती है कविता हमारी |1

बिखेरे यहाँ खूब खुशबू के किस्से ,
फूलों सी झरती है कविता हमारी |2

तेरी सादगी और सच्चाई हमदम ,
इन्हीं पे तो मरती है कविता हमारी |3

किसी आँख हो आँसुओं की कहानी ,
तो आहें भी भरती है कविता हमारी |4

कि, जिनके भरोसे चली थी सफ़र पर ,
उन्हीं को अखरती है कविता हमारी |5

अभावों पली पर चली नेक रस्ते ,
सरस भाव धरती है कविता हमारी |6


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22 comments:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के - चर्चा मंच पर ।।

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    1. इस स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  2. Replies
    1. इस स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  3. कविता के माध्यम से कविता के प्रकार्य का सार्थक चित्रण किया है । सामाजिक सरोकार निभाने तक की यह काव्य यात्रा बहुत भाई , ज्योत्स्ना जी बधाई !!

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    1. इस स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  4. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 9/10/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

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    1. इस स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  5. इस स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार आपका !

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  6. बिखेरे यहाँ खूब खुशबू के किस्से ,
    फूलों सी झरती है कविता हमारी----
    जीवन के सरोकारों को समेटती और कविता के भीतर का सच कहती अदभुत कविता
    बहुत सुंदर
    सादर

    आग्रह है ----
    शरद का चाँद -------
    http://jyoti-khare.blogspot.in

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  7. हृदय से आभार आपका !

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  8. Replies
    1. हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  9. कि, जिनके भरोसे चली थी सफ़र पर ,
    उन्हीं को अखरती है कविता हमारी.

    एक बेहतरीन तंज़ है... सहज भाव लेकिन अनोखी शैली.


    मेरे ब्लॉग पर भी आइयेगा अच्छा लगे तो ज्वाइन भी करें : सब थे उसकी मौत पर (ग़जल 2)

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    1. हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  10. Bahut umda hai kavitaa aaapki .....badhaayi !!!

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    1. हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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  11. सहज ही सुन्दर शब्दों से सजी सादगी भरी कविता ....

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  12. हृदय से आभार आपका !

    सादर
    ज्योत्स्ना शर्मा

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  13. ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति… दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ...

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    1. हृदय से आभार आपका !

      सादर
      ज्योत्स्ना शर्मा

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